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बच्चों के निवाले पर डाका! आँगनबाड़ी महीनों बंद, महिला बाल विकास विभाग बेखबर”

“बच्चों के निवाले पर डाका! आँगनबाड़ी महीनों बंद, महिला बाल विकास विभाग बेखबर”

 गर्भवती महिलाएं और मासूम वंचित, महीने में सिर्फ 4 दिन खुलता केंद्र, विधायक के गृह ग्राम में ही लापरवाही का साम्राज्य, सिस्टम पर गंभीर सवाल

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बलरामपुर।महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले के शंकरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जम्होर के कुम्हार पारा स्थित आँगनबाड़ी केंद्र की स्थिति इतनी बदहाल है कि यह केंद्र महीनों से लगभग बंद पड़ा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह मामला किसी दूर-दराज क्षेत्र का नहीं, बल्कि सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा के गृह ग्राम पंचायत का है, जहां खुद सरकार की योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं।

स्थानीय महिलाओं ने मीडिया के सामने खुलकर आरोप लगाए कि आँगनबाड़ी केंद्र महीने में केवल हर मंगलवार को ही खुलता है, यानी पूरे महीने में महज 4 दिन। ऐसे में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को मिलने वाला पौष्टिक आहार पूरी तरह बाधित हो गया है। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से सीधे जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर विभाग की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की कार्यकर्ता मनमानी पर उतारू है और किसी भी प्रकार का नियमित संचालन नहीं हो रहा। कई बार शिकायत के बावजूद न तो कोई निरीक्षण हुआ और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई की। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो विभाग पूरी तरह लापरवाह है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत का खेल चल रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विधायक के अपने गृह ग्राम में ही आँगनबाड़ी की यह हालत है, तो पूरे सामरी विधानसभा और बलरामपुर जिले में अन्य केंद्रों की स्थिति कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार द्वारा बच्चों और महिलाओं के पोषण के लिए चलाई जा रही योजनाएं जमीन पर पूरी तरह फेल होती नजर आ रही हैं।

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महिलाओं कहा है कि यदि जल्द ही केंद्र का नियमित संचालन शुरू नहीं हुआ और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब तक आंखें मूंदे बैठा रहता है या फिर दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर बच्चों के हक की रक्षा करता है।

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